Our last News

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वास्तु दिनचर्या सूर्य अनुसार

वास्तु दिनचर्या सूर्य अनुसार वास्तु शास्त्र में इसकी मान्यता है क्योंकि सूर्य की किरणें व्यक्ति को उनके घर और कार्यस्थल में समृद्धि, स्वास्थ्य, और शांति के लिए सहायक होती है |     सूर्य की ऊर्जा के प्रभाव को भी वास्तु शास्त्र में महत्वपूर्ण माना जाता है, घर की सही दिशा, जिस तरफ सूर्य की […]

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गृह वास्तु शास्त्र आधार नियम

गृह वास्तु शास्त्र आधार नियम    वास्तु शास्त्र विज्ञान का एक प्राचीन सिद्धांत है जो पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और महत्वपूर्ण रूप से सदियों पुरानी हिंदू वास्तुकला को निर्देशित करता है।   वास्तु शास्त्र विज्ञान का एक प्राचीन सिद्धांत है जो पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और महत्वपूर्ण रूप से सदियों पुरानी हिंदू वास्तुकला को निर्देशित करता है। […]

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एक मुखी से चौदह मुखी रुद्राक्षों को मन्त्रों से अभिमन्त्रित करने का मन्त्र 

एक मुखी से चौदह मुखी रुद्राक्षों को मन्त्रों से अभिमन्त्रित करने का मन्त्र  सनातन की हर प्रथा, हर नियम एक विज्ञान है.. पुराणों में व शास्त्रों में वर्णन है कि रुद्राक्ष को बिना अभिमन्त्रित किये नहीं पहनना चाहिये । क्योंकि बिना अभिमन्त्रित किये रुद्राक्ष पहनना व्यर्थ है उससे किसी कार्य की सिद्धि अथवा कोई मनोकामना […]

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गाय से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी !

गाय से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी ! वैसे तो गौ माता पर निबंध सभी ने लिखा होगा, लेकिन इसमें कुछ और ही तथ्य हैं जो हर हिंदू को जानने चाहिए और गौ सेवा जरूर करनी चाहिए गौ माता जिस जगह खड़ी रहकर आनन्दपूर्वक चैन की सांस लेती है। वहाँ वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं। […]

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अश्वमेघ यज्ञ का क्या अर्थ होता है और इसे किस लिए किया जाता था?

अश्वमेघ यज्ञ का क्या अर्थ होता है और इसे किस लिए किया जाता था? अश्वमेध यज्ञ को लेकर अनेकों भ्रांतियां हैं, जैसे घोड़े को प्राथमिकता, घोड़े का मांस खाना, राजा की महत्वकांक्षा आदि…लेकिन सच कुछ और ही ही है जो इस आर्टिकल से आप समझ सकेंगे….जानिए विस्तार से और  शेयर कीजिए कुछ लोग केवल इतना […]

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कौन सा रत्न किस राशि या ग्रह के लिए लाभदायक या किस परिस्थिति में हानिकारक है?

कौन सा रत्न किस राशि या ग्रह के लिए लाभदायक या किस परिस्थिति में हानिकारक है? अज्ञानतावश किया हुवा हर काम गलत परिणाम दे सकता है इसलिए ज्ञान होना जरूरी है.  ज्ञान रत्नों का भी लीजिए ! प्राचीन ग्रंथों में 84 से अधिक प्रकार के रत्नों का उल्लेख किया गया है। इनमें से कई अब […]

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देव प्रतिमा निरूपण नियम

देव प्रतिमा निरूपण नियम देवताओं की प्रतिमा-प्रतिष्ठा के प्रसङ्ग-क्रम में प्रतिमा निर्माण और उनके अङ्गभूत निर्माण की विधि नियम निम्न प्रकार निर्दिष्ट हैं – देव-प्रतिमा सुवर्ण, चाँदी, ताँबा, रत्न, पत्थर, देवदारु, लोहा-सीसा, पीतल, ताँबा और काँस मिश्रित अथवा शुभ काष्ठों की बनी हुई प्रशस्त मानी गयी है। गृहस्थों के घरोंमें अंगूठे के एक पर्व से […]

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जब भी कोई पैर छुए तो आपको क्या करना चाहिए?

जब भी कोई पैर छुए तो आपको क्या करना चाहिए? पुराने समय से ही परंपरा चली आ रही है कि जब भी हम किसी विद्वान व्यक्ति या उम्र में बड़े व्यक्ति से मिलते हैं तो उनके पैर छूते हैं। इस परंपरा को मान-सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। ये बात तो सभी जानते हैं […]

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गौघृत मानव शरीर के लिए यज्ञ कैसे?

गौघृत मानव शरीर के लिए यज्ञ कैसे? गौधृत मानव से लेकर संपूर्ण पर्यावरण के लिए इतना लाभकारी और उपयोगी है की आप इसकी महत्ता जानकार हैरान हो जाएंगे…आजकल घी के नाम पर ना जाने हम क्या प्रयोग कर रहे हैं जिसका दुष्प्रभाव हमारे जीवन से लेकर प्रकृति को भुगतने पड़ रहे हैं… गौघृत में मनुष्य […]

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