Share

Category: Bhartiya Parampara Aur Sanskriti

The True Significance of Nag and Nag Panchami: Science and not Superstition

The True Significance of Nag and Nag Panchami: Science and not Superstition It is natural that all festivals anywhere in the world are rooted in the cultural and social context. In Bhaarat, it is no different. However, it is much more holistic – combining Stories, Symbolism, Social Significance, Science, and Spirituality – let’s examine how: […]

read more

The Five Vayus

The Five Vayus: The two most easiest and important Vayus to connect with are Prana-Vayu and Apana-Vayu. Once you connect with the subtle energies of these two Vayus it will be easier to work with the others. 1) Prana-Vayu Prana-Vayu is situated in the heart, and its energy pervades the chest region. Prana-Vayu translates as “forward […]

read more

सोलह सुखों के बारे में सुना था तो जानिये क्या हैं वो सोलह सुख I

सोलह सुखों के बारे में सुना था तो जानिये क्या हैं वो सोलह सुख 1.पहला सुख निरोगी काया। 2.दूजा सुख घर में हो माया। 3.तीजा सुख कुलवंती नारी। 4.चौथा सुख सुत आज्ञाकारी। 5.पाँचवा सुख सदन हो अपना। 6.छट्ठा सुख सिर कोई ऋण ना। 7.सातवाँ सुख चले व्यापारा। 8.आठवाँ सुख हो सबका प्यारा। 9.नौवाँ सुख भाई […]

read more

वैदिक घड़ी, क्या कहती है ?

वैदिक घड़ी, क्या कहती है:- ◆ 12:00 बजने के स्थान पर आदित्या: लिखा हुआ है, जिसका अर्थ है कि सूर्य 12 प्रकार के होते हैं – अंशुमान, अर्यमन, इंद्र, त्वष्टा, धातु, पर्जन्य, पूषा, भग, मित्र, वरुण, विवस्वान और विष्णु. ◆ 1:00 बजने के स्थान पर ब्रह्म लिखा हुआ है, इसका अर्थ यह है कि ब्रह्म […]

read more

“भारत को सोने की चिड़िया” बनाने वाला :- “असली राजा” कौन था ?

“भारत को सोने की चिड़िया” बनाने वाला :- “असली राजा” कौन था ? कौन था , वह राजा ? जिसके :- “राजगद्दी पर बैठने के बाद”, उनके “श्रीमुख” से “देववाणी” ही, निकलती थी l और “देववाणी” से ही, “न्याय” होता था? कौन था ,वह राजा ? “जिसके”:- राज्य में “अधर्म का संपूर्ण नाश” हो गया […]

read more

शगुन के लिफाफे में हम एक रुपये का अतिरिक्त सिक्का क्यों रखते हैं ?

शगुन के लिफाफे में हम एक रुपये का अतिरिक्त सिक्का क्यों रखते हैं ? यहां कुछ कारण दिए गए हैं: 1. संख्या ‘0’(शून्य) अंत का प्रतीक है जबकि ‘1’(एक) शुरुआत का प्रतीक है। इसीलिए एक रुपये का सिक्का जोड़ा जाता है ताकि प्राप्तकर्ता(receiver) को शून्य के पार हो जाएं। 2. आशीर्वाद अविभाज्य हो जाते हैं। […]

read more

राजस्थान की एक प्रथा घुड़ला

मारवाड़ में होली के बाद एक पर्व शुरू होता है , जिसे घुड़ला पर्व कहते है । जिसमें कुँवारी लडकियाँ अपने सर पर एक मटका उठाकर उसके अंदर दीपक जलाकर गांव और मौहल्ले में घूमती है और घर घर घुड़लो जैसा गीत गाती है ! अब यह घुड़ला क्या है ? ***** दरअसल हुआ ये […]

read more

सम्राट अशोक की जन्म जयंती

सम्राट अशोक की जन्म जयंती हमारे देश में नहीं मनाई जाती आप भी इन प्रश्नों पर विचार करें! १. जिस सम्राट के नाम के साथ संसार भर के इतिहासकार “महान” शब्द लगाते हैं; २. जिस सम्राट का राज चिन्ह “अशोक चक्र” भारतीय अपने ध्वज में लगते है; ३. जिस सम्राट का राज चिन्ह “चारमुखी शेर” […]

read more

“वैदिक मास” के नाम 12 “नक्षत्रों” के नामों पर रखे गये हैं।

हमारे समस्त “वैदिक मास” महीने का नाम 28 में से 12 “नक्षत्रों” के नामों पर रखे गये हैं। जिस मास की पूर्णिमा को चन्द्रमा जिस नक्षत्र पर होता है उसी नक्षत्र के नाम पर उस मास का नाम हुआ। 1. चित्रा नक्षत्र से चैत्र मास 2. विशाखा नक्षत्र से वैशाख मास 3. ज्येष्ठा नक्षत्र से […]

read more

छुआछूत और जातिवाद का इतिहास:

छुआछूत और जातिवाद के नाम पर मुगलों और अंग्रेजो द्वार समाज में घोला गया जहर, पहले क्या था अब क्या है ? हजारो साल पुराना इतिहास पढ़ते हैं। सम्राट शांतनु ने विवाह किया एक मछवारे की पुत्री सत्यवती से।उनका बेटा ही राजा बने इसलिए भीष्म ने विवाह न करके,आजीवन संतानहीन रहने की भीष्म प्रतिज्ञा की। […]

read more
1 2 3